Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

किसान

Anilkumar Rathwa (Sameer) 19 Sep 2025 कविताएँ समाजिक किसान 12683 0 Hindi :: हिंदी

मित्रों!
वो सूरज से पहले उठता है,
धरती माँ के माथे का पसीना बनता है।
ना महलों का मालिक है,
ना दौलत का आशिक है,
फिर भी दुनिया का अन्नदाता है –
हाँ! वही किसान सच्चा राजा है!

जिसकी हथेली छालों से भरी,
जिसकी आँखों में उम्मीदें ठहरी।
जो मिट्टी को सोना बना दे,
जो भूखों को जीवन दे।
वो खेतों का वीर जवान है,
देश की साँसों का सम्मान है।

सोचो…
अगर उसका हल थम जाएगा,
तो सभ्यता का रथ रुक जाएगा।
शहरों के बाजार सूख जाएँगे,
जीवन के गीत अधूरे रह जाएँगे।

इसलिए मैं कहता हूँ –
ताजमहल से बड़ा है उसका खेत,
क्योंकि वहाँ रोटी की नींव रखी जाती है।
वो हर फसल में ईश्वर बोता है,
और हर दाने में जिंदगी जगाता है।

मित्रों!
ताली बजाओ… क्योंकि ये सम्मान किसान का है।
वंदन करो… क्योंकि ये अभिमान किसान का है।
जो भूखा रहकर भी सबको खिलाता है,
सच मानो – धरती पर भगवान कहलाता है! 

किसान अमर है! किसान महान है!

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: