Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

1 अप्रैल - मूर्ख दिवस क्यों मनाया जाता है

धर्मेन्द्र कुमार 03 Apr 2023 कहानियाँ समाजिक 1 अप्रैल मूर्ख दिवस क्यों मनातै है 44945 0 Hindi :: हिंदी

1 अप्रैल (मूर्ख दिवस) 

मूर्ख दिवस क्यों मनाया जाता है, इसके बारे में आज हम आप लोगो को इसके बारे में बतायेगे |

हर साल 1 अप्रैल को मूर्ख दिवस (Fools Day) मनाया जाता है, देखा जाए तो ये दिन हंसने और हंसाने का दिन है, इस दिन लोग अपने दोस्‍तों, करीबियों और रिश्‍तेदारों को मूर्ख बनाते हैं, जब सामने वाला झूठी बातों में फंसकर मूर्ख बन जाता है, तब उसे मूर्ख कहा जाता है |

कुछ कहानियों के अनुसार, यूरोपीय देशों में पहले 1 अप्रैल को न्यू ईयर मनाया जाता था, लेकिन, पोप ग्रेगरी 13 ने जब नया कैलेंडर अपनाने का आदेश दिया तो नया साल 1 जनवरी से मनाया जाने लगा, कुछ लोग अभी भी 1 अप्रैल को ही नया साल मना रहे थे, तब ऐसे लोगों को मूर्ख समझकर उनका मजाक उड़ाया जाता था, उसी मजाक को मूर्ख दिवस के रूप में मनाने लगे |

दुनियाभर में 1 अप्रैल का दिन 'अप्रैल फूल डे' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग एक-दूसरे को बेवकूफ बनाने के बहाने ढूंढते रहते हैं। बता दें, शुरूआत में यह दिन पहले फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में मनाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे अन्य देशों ने भी इस दिन को मनाने का चलन शुरू हो गया |

1 अप्रैल बाबा साहब की देन RBI की स्थापना दिवस एवं भारतीय पंचांग का प्रथम माह के रूप में भारतीय वित्तीय वर्ष का प्रारंभ होता है हमारी मूर्खता ही है जो इसे हम फूल ( मूर्ख ) दिवस के रूप में बड़ी चाव से मनाते है !

इन सभी मन्यताए से  इसका कोई निष्कर्ष नहीं निकलता की मूर्ख दिवस क्यों मनाया जाता है ? 

इस दिवस को मनाने वाले लोग दूसरों को मूर्ख बनाने के चक्कर में खुद ही मूर्ख बनते जा रहें हैं, इन सभी के लिए हमें सुकरात की ओ लाइनें याद आती हैं, --

ग्रीस के महान संत सुकरात ने एक बात कही थी, "जो मनुष्य मूर्ख है और जानता है  कि वह मूर्ख है, वह ज्ञानी हैं ; पर जो मूर्ख है और नही जनता कि वह मूर्ख हैं वह सबसे बड़ा मूर्ख हैं "

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

बहुत समय पहले की बात है रहमान चाचा के यहाँ एक चूहा रहता था. हर दिन की तरह उस दिन भी बाज़ार से गाँव लौटते वक़्त चाचा झोले में कुछ सामान लेकर � read more >>
सच्चे भाई सुबह की योगा क्लास लेने के बाद मैं पार्क से होते हुए बाजार वाली रोड पर सैर के लिए निकल पड़ी । सुबह के व� read more >>
लड़का: शुक्र है भगवान का इस दिन का तो मे कब से इंतजार कर रहा था। लड़की : तो अब मे जाऊ? लड़का : नही बिल्कुल नही। लड़की : क्या तुम मुझस read more >>
Join Us: