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अच्छा सबक

Abhay singh 30 Mar 2023 कहानियाँ बाल-साहित्य Shivam Singh story 39524 0 Hindi :: हिंदी

एक भैंस जंगल में चर रही थी। पहले उसने भरपेट घास खाई। फिर नहर पर जाकर पानी पिया। अब उसे आलस आने लगा। इसलिए वह एक छायादार पेड़ के नीचे जाकर लेट गई। जल्दी ही उसे नींद आ गई।

इधर एक कौआ भी उड़ते-उड़ते थक गया था। वह नीचे उतर आया और भैंस की पीठ पर बैठकर आराम करने लगा। कुछ समय बाद भैंस उठी तो कौआ उसके सामने आया और बोला, “आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मैंने कुछ समय तक आपकी पीठ पर बैठकर आराम किया। इसलिए मैं आपकी दयालुता के लिए आपका आभारी हूँ।” भैंस बोली,”मुझे धन्यवाद देने की कोई आवश्यकता नहीं है। मुझे तुम्हारा भार महसूस ही नहीं हुआ।

मुझे पता ही नहीं लगा कि तुम कब आए और कब मेरी पीठ पर आराम करने लगे।

इतनी छोटी-सी बात के लिए तुम्हें मेरा आभार प्रकट करने की जरूरत नहीं थी। और वैसे भी हमेशा याद रखना कि हर छोटी-छोटी बात पर कृतज्ञ नहीं हुआ जाता।”  

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