Asim Qureshi 26 Nov 2023 कहानियाँ दुःखद Motivational, Inspiration 77285 0 Hindi :: हिंदी
यह कहानी गांव में रहने वाले एक अमीर सेठ जी कि है जो हमेशा सब की मदद किया करते थे एक दिन दोपहर के समय सेठ जी के घर पर दो गरीब बच्चे आये और आते ही रोने लगे सेठ जी ने पूछा तुम क्यू रो रहे हो और मेरे पास क्यू आये हो यह सुन के रोते हुए वह बच्चे कहने लगे के हम बहुत भूखे है और हमने कल रात से कुछ भी नही खाया है हमारे घर में हमारे पिता जी और माता जी जो बिमार है वह भी कल रात से भूखे है और भूख के मारे मरे जा रहे है आपसे कुछ मदद चाहते है क्या आप हमें कुछ खाने के लिए दे सकते हैं यह सुन के सेठ जी को बहुत बुरा लगा और सेठ जी ने अपनी रसोई से कुछ पूरी और आलू की सब्जी ला कर उन बच्चों को दे दी और उन से कहा के तुम यह अपने घर ले जाओ और पेठ भर कर खाना और अपने पिता जी और माता जी को भी खिलाना। ये देख वह दोनों बच्चे बहुत खुश हुए और खुशी सेे झूमते हुए सेठ जी को धन्यवाद बोल कर चल दिए। इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हम सबको हमेशा गरीबों की मदद करते रहना चाहिए और यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हमारे आस-पास कोई भी गरीब भूखा न रहे, साथ ही साथ हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जो भोजन बचे उसे फेंकने की जगह किसी गरीब को दे दे, इससे बचा हुआ भोजन भी बर्बाद नहीं होगा और किसी गरीब को भोजन भी मिल जायेगा।
Writer | Islamic Lecturer | 5 World Records Holder | Travelled to London, Brighton, England (UK)....