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हादसा और विवाह- शारीरिक मेहनत करें मेहनत से पसीना बहाएं

संदीप कुमार सिंह 25 Sep 2023 कहानियाँ समाजिक मेरी यह कहानी समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 27264 0 Hindi :: हिंदी

बहुत पहले की बात है राम सौगार्थ नाम का एक व्यक्ति मुंबई में रहते थे। पेशे से वे एक कांट्रेक्टर थे। बहुत सारे कंपनियों में उनका कांटेक्ट था। अच्छा खासा परिवार भी था। पति_पत्नी के साथ चार बच्चे भी उनको था। जिसमें तीन लड़कियां और एक लड़का था। तीनों लड़की की शादी तो मुंबई में ही वे आराम से कर लिए थे। लड़का सबसे छोटा था। अब राम सौगार्थ लड़कियों की शादी के बाद बहुत ही मुक्त अंदाज में रहने लगे थे। वैसे वे उत्तरप्रदेश राज्य के मूल निवासी थे। गोंडा उनका जिला था। और चंदरपुर उनका ग्राम था। अब राम सौगार्थ जी अपने लड़के का भी शादी करना चाह रहे थे। और वो भी लड़का की शादी गांव के करना चाह रहे थे। तो कुछ खोजबीन के बाद एक लड़की वाले से उनकी मुलाकात हुई। सब ठीक_ठाक हो गया। तारीख भी फिक्स हो गई थी। नवम्बर माह में 25तारीख को शादी होनी थी। 10तारीख को इन लोगों का AC फर्स्ट क्लास का टिकट भी बन गया था। लेकिन आह एक दुर्भाग्य का आगमन हुआ। राम सौगार्थ जी के साथ एक आश्चर्य जनक दुर्घटना घट गई। किसी कंपनी में वे मिलने को गए थे। मीटिंग के बाद निकलते वक्त उनका सिर शटर से टकरा गया। बहुत जोरों का मार उनको लग गई थी। होस्पिटलाइज हो गए थे। डाक्टर के यहां दो_तीन दिन रहने के बाद डॉक्टर साहब दो_तीन की दवाई दे कर उनको घर के लिए डिस्चार्ज कर दिए। और बोले अगर दवाई से आराम मिल गया तो ठीक है नहीं तो फिर ऑपरेशन करना पड़ेगा। दो_तीन दिन बाद राम सौगार्थ फिर डॉक्टर साहब के यहां गए। चेक करने के बाद डॉक्टर साहब बोले ठीक तो हुआ है। लेकिन आपको काफी परहेज से अब रहना पड़ेगा। अगर आप शादी की तारीख आगे बढ़ा सकते हो तो बढ़वा लीजिए। ताकि आप सही रूप से ठीक हो जाओ। लेकिन राम सौगार्थ बोले श्रीमान शादी की तारीख आगे नहीं बढ़ सकती है। क्योंकि लड़की पक्ष सभी तैयारी कर के रखें है। सो हर हाल में गांव जाना ही पड़ेगा। कुछ हिदायत डॉक्टर साहब दिए राम सौगार्थ जी को। बोले धूप से आप को बिल्कुल बच के रहना पड़ेगा। और ज्यादा से ज्यादा AC में समय गुजारेंगे तो जल्दी आप पूर्ण रूप से ठीक हो जाओगे। राम सौगार्थ बोले गांव में तो AC नहीं है। तब डॉक्टर साहब बोले कूलर में रहिएगा। और बाहर निकलने वक्त सिर पर मोटी पगड़ी जैसी कपड़ा डाल कर रखिएगा। राम सौगार्थ हां बोलते हुए घर को आ गए। 10तारीख को वे लोग सफर कर गांव पहुंचे। शादी हुई और बड़ी धूमधाम से हुई। शादी के 10दिन बाद वे लोग पुनः मुंबई वापस आ गए। नई पुत्रवधू पाकर राम सौगार्थ और उनकी पत्नी काफी खुश थे। फिर और उत्साह से पारिवारिक गाड़ी चलने लगी। तर्कीबन 10साल बाद फिर राम सौगार्थ को सिर में दर्द हुआ चक्कर आया। फिर से राम सौगार्थ जी को होस्पिटलाइज होना पड़ा। डॉक्टर साहब ने चेक किया तो मालूम चला कि इनको पहले सिर में मार लगी है। और उसी वजह से दर्द हुआ और चक्कर आया है। डॉक्टर साहब के पूछने पर राम सौगार्थ जी 10साल पहले हुई घटना बता दिए। लेकिन सवाल ये था कि ठीक होने के बाद फिर से दर्द और चक्कर क्यों आया। तो कारण ये था की राम सौगर्थ सिगरेट बहुत पीते थे। टहलते नहीं थे। पैदल नहीं चलते थे। फिर डॉक्टर साहब ने दवाई दिए तथा उनको कुछ टिप्स भी दिए। जैसे सिगरेट पीना छोड़ दें तथा पैदल चलना शुरू करें। शारीरिक मेहनत करें। मेहनत से पसीना बहाएं।
(निष्कर्ष:_कभी भी डॉक्टर की सलाह को न ठुकराएं एवं 24घंटा में 02घंटा पैदल अवश्य चलें। तो आप_हम सब ठीक_ठाक रहेंगे।)
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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