मोती लाल साहु 30 Mar 2023 कहानियाँ धार्मिक हे धरती मांँ आप तो महामाया का रूप हो, जनमानस काम क्रोध मोह लोभ के वशीभूत होकर झूठी माया के बस में अपना अनमोल जीवन व्यर्थ में गंवा रहा है। धरती मां का एक और रूप आदि शक्ति के रूप में, जो कोई भी माया का नींद से जगा हुआ है। उनके लिए भगवान और भक्त का लीला का भी साक्षात्कार संभव हो रहा है ऐसा प्रतीत होता है। 41896 0 Hindi :: हिंदी
हे वसुंधरा रानी,
मांँ तू एक कहानी।
तेरी आंचल में फूले,
काम-क्रोध-मोह-लोभ की फुलवारी।
जग में सबकी तू मांँ,
महामाया प्यारी।
सब जने जगत सोए,
बिरला कोई जागे।।
हे बसुंधरा रानी,
माँ तू आदिशक्ति महारानी।
तेरी आंचल में खिले,
एक और कहानी,
इस घोर कलयुग में है माँ।
भगवान और भक्त की लीला प्यारी,
कोई बिरला योद्धा ही समझे।
हंस और मोती की अजब कहानी।।
हे वसुंधरा रानी,
मांँ तू आदिशक्ति महारानी।
मांँ तू एक कहानी।।
मोती-