Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

हंसो, कि हंसने पर कोई पाबंदी नहीं है

Aniket 30 Mar 2023 कहानियाँ हास्य-व्यंग लेखिका : वीना शर्मा By : आदर्श शिक्षा इंस्टीट्यूट 48577 0 Hindi :: हिंदी

हंसो, कि हंसने पर कोई पाबंदी नहीं है। 
उस पर कोई जीएसटी, कोई नोटबंदी नहीं है।।1।।
 
दुनिया पर बोझ है जिसके चेहरे पर मायूसी है। 
उजाला है वो जिसके ओठों पर हंसी है। 
हंसिए! हां हंसिए! हर पल खिलखिलाकर, 
हंसिए! मनचाहा पाकर, हंसिए न भी पाकर।।2।।
 
हंसिए उन पर जो गिरते हैं, गिरते जाते हैं, सम्हलते ही नहीं। 
अपनी रफ्तार बेढंगी जो कभी बदलते ही नहीं।। 
राजनीति में आज ऐसे कई सिरफिरों का जमघट है। अब तक है नाक चढ़ाए, जबकि उनका ऊंट उलटी करवट है।।3।।  

कोस रहे हैं सांप्रदायिकता को, 
ईवीएम को उस धाकड़ के हर निर्णय को। 
चुनौती दे रहे हैं जन-मन के विवेक को,
चुनाव आयोग की निष्पक्ष कार्य की लय को।। 
जो निर्लज्ज हो सारे शुभ परिवर्तनों को नकार रहे हैं। 
जाने कितनी तरह से अपनी खीझ उतार रहे हैं।।4।। 
 
हंसो लालू पर जो जा फंसे हैं कोर्टों के दलदल में। 
हंसो नीतीश पर जो डगमग हैं,
लालू पुत्रों की आकांक्षाओं की हलचल में।।
हंसो युवराज पर जो यूपी से बेआबरू होकर निकले,
हंसो केजरीवाल पर जो चित हुए अपनी ही पार्टी के दंगल में।।5।। 



Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

बहुत समय पहले की बात है रहमान चाचा के यहाँ एक चूहा रहता था. हर दिन की तरह उस दिन भी बाज़ार से गाँव लौटते वक़्त चाचा झोले में कुछ सामान लेकर � read more >>
सच्चे भाई सुबह की योगा क्लास लेने के बाद मैं पार्क से होते हुए बाजार वाली रोड पर सैर के लिए निकल पड़ी । सुबह के व� read more >>
लड़का: शुक्र है भगवान का इस दिन का तो मे कब से इंतजार कर रहा था। लड़की : तो अब मे जाऊ? लड़का : नही बिल्कुल नही। लड़की : क्या तुम मुझस read more >>
Join Us: