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जो बित गया वक्त -वो फिर न आयेगा

संदीप कुमार सिंह 24 Nov 2023 कहानियाँ समाजिक मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभांवित होंगें। 84503 0 Hindi :: हिंदी

(मुक्तक) 
जो  बित  गया  वक्त,  वो  फिर  न  आयेगा।
रोशनी  के  सामने कभी,  अँधेरा न आयेगा।
हौसला  है - जुनून  है, चमकीली चाहत है -
मोहब्बत  के  सामने,   नफरत  न  आयेगा।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:-समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

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