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कर्ण का साहसी जीवन

Suraj pandit 11 Aug 2024 कहानियाँ बाल-साहित्य Karn ka jivan // Short story // story 55660 0 Hindi :: हिंदी

एक गहरे जंगल में एक गाँव था, जिसे एक भयंकर शेर आतंकित कर रहा था। लोग रोज़ उसके हमले से डर के मारे अपने घरों में बंद रहते थे।  उस गांव में एक युवक रहा करता था जिसका नाम कर्ण था। वह बहुत हीं बाहादुर लड़का था। कर्ण,शस्त्र विद्या और ज्योतिष शास्त्र में निपुर्ण था। वह हमेशा दूसरों की मदद करता था। वह गांव की स्थिती को देख कर शेर के खिलाफ बढ़ने का निर्णय किया।
उसनें अपने तेज़ दिमाग और साहस से एक योजना बनाई। वह गांव वालों में साहस का संचार किया और उसे अपनी-अपनी रक्षा करने के लिए सिखाया। उसकी साहस और कौशल को देख कर गांव वाले दंग रह गए।अब लग रहा था गांव वाले योजना के लिए तैयार हैं। वह गाँववालों को एकत्रित करके उन्हें शेर के खिलाफ आक्रमण करने के लिए आह्वान किया। 
सभी गांव वाले मिलकर शेर को भगने में सफल रहे। उन सभी की साहस ने शेर से आतंकित गांव को मुक्त कर दिया। सभी गांव वाले मिलकर कर्ण का धन्यवाद किया। कर्ण के गुरु ऋषि देव कर्ण की साहस और पराक्रम को देख कर कभी प्रभावित हुए । वह उसे आशीर्वाद दिया। गांव में चारों तरफ कर्ण की हीं चर्चे थे। हर जगह उसी की प्रशंसा हों रही थीं। ऋषि देव अपनी पुत्री कमला का विवाह कर्ण में साथ करने को सोचा।उसे अपनी पुत्री कर लिए कर्ण के जैसा साहसी और पराक्रमि योद्धा नहीं मिलने वाला था इसलिए वह अगले हीं दीन अपनी पुत्री कमला का विवाह प्रस्ताव लेकर कर्ण के घर पहुँच गया। 
कर्ण के घर वाले अर्थात् कर्ण के माता पिता कर्ण के गुरु ऋषि देव का बहुत हीं आदर के साथ स्वागत किया। जब कर्ण के माता पिता को पता चला की गुरु ऋषि देव अपनी पुत्री का विवाह प्रस्ताव लेकर आएं हैं तों वह इस विवाह प्रस्ताव को लेकर बहुत प्रशन हूआ। कर्ण भी इस प्रस्ताव से बहुत खुश था। 
देखते हीं देखते कुछ दिनों में हीं कमला और कर्ण की विवाह हों गई। वें दोनों अपने छोटे से गांव से एक छोटी सी घर में रहने लगे और वें दोनों अपना जीवन खुशी खुशी यापन करने लगे।

                        ---सूरज पंडित

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