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नहीं रीत बदली-लड़की लड़के में भेद होता ही है

Aarti Ramesh Honale 15 Jul 2023 कहानियाँ समाजिक नहीं रीत बुधनी 50533 1 5 Hindi :: हिंदी

क्या अभी भी सच में स्त्रियों  पर आ लड़कियों पर होता हुआ अन्याय अत्याचार बदल गया है? नहीं बिल्कुल नहीं
  अभी भी ग्रामीण भाग हो या शहरी भाग लड़की लड़के में भेद  होता ही है। जन्म से लेकर मृत्यु तक लड़की को ही सब कुछ सहना पड़ता है। जन्म के बाद अगर लड़की पैदा हुई तो जलेबी बांटते हैं और अगर लड़का पैदा हुआ तो पेड़े बांटते हैं। लड़की को सरकारी स्कूल में दाखिला करते हैं और लड़के का प्राइवेट स्कूल में दाखिला करते हैं पैसे डाल कर। लड़का बोले तो उसके लिए कुछ भी हाजिर और लड़की बोले तो क्या करना है लड़की है। बचपन से ही मां बाप के घर से ही लड़की को अन्याय और अत्याचार मिलेगा तो आगे के घर में कोन फायदा नहीं उठाएगा?

Comments & Reviews

संदीप कुमार सिंह
संदीप कुमार सिंह बहुत खूब, लाजवाब।

2 years ago

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