Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

“वो जो चुपचाप साथ चलता है”

Mashayel najm 21 Feb 2026 कहानियाँ बाल-साहित्य पिता और पुत्र की कहानी पापा की मोहब्बत फादर सन इमोशनल स्टोरी दिल को छू लेने वाली कहानी भावनात्मक हिंदी कहानी हिंदी लघुकथा इमोशनल स्टोरी इन हिंदी 17716 1 5 Hindi :: हिंदी

आयान हमेशा सोचता था कि उसके पापा उससे ज़्यादा सख़्त हैं।

सुबह जल्दी उठाना…
समय पर पढ़ाई करना…
दोस्तों के साथ देर तक बाहर ना रहने देना…

उसे लगता था — “पापा मुझे समझते ही नहीं।”

लेकिन सच तो यह था कि पापा कम बोलते थे… पर हर बात में उसका भविष्य देखते थे।

हर सुबह जब आयान सोया होता, पापा उसके सिरहाने कुछ देर खड़े होकर उसे देखते।
हल्के से उसके बालों पर हाथ फेरते… और फिर काम पर निकल जाते।

आयान को कभी पता ही नहीं चला।

एक दिन पापा की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

घर अचानक बहुत खाली लगने लगा।

मम्मी की आँखों में चिंता थी…
और आयान के दिल में डर।

पहली बार उसे एहसास हुआ —
घर दीवारों से नहीं, किसी एक शख़्स की मौजूदगी से पूरा होता है।

अस्पताल में जब वह पापा के पास बैठा, तो उसने उनके हाथ को पहली बार इतने ध्यान से पकड़ा।

वही हाथ…
जो उसे साइकिल चलाना सिखाते समय पीछे से थामे रहते थे।
वही हाथ…
जो कभी उसके गिरने नहीं देते थे।

आयान की आँखों से आँसू गिर पड़े।

धीरे से बोला —
“पापा… आप जल्दी ठीक हो जाइए। आपके बिना घर अच्छा नहीं लगता।”

पापा ने कमज़ोर सी मुस्कान के साथ उसका हाथ दबाया —
“बेटा… मैं हमेशा तेरे साथ हूँ। बस चाहता हूँ तू मुझसे भी मजबूत बने।”

उस दिन दोनों ने कुछ ज़्यादा नहीं कहा।
लेकिन जो खामोशी थी… उसमें ढेर सारी मोहब्बत थी।

कुछ दिनों बाद पापा ठीक होकर घर आ गए।

उस शाम आयान खुद उनके पास बैठा।
बोला —
“पापा, आप सख़्त नहीं हो… आप तो मेरी ढाल हो।”

पापा ने पहली बार उसे गले लगाया —
ज़ोर से।

और उस गले मिलने में सालों की अनकही मोहब्बत समा गई।

संदेश (Moral):

पिता की मोहब्बत अक्सर शब्दों में नहीं होती, लेकिन वह हर कदम पर साथ चलती है। उन्हें समझने में देर मत कीजिए — क्योंकि उनके बिना रहना सच में आसान नहीं होता।

Comments & Reviews

Avnish Dutt
Avnish Dutt dil ko chune wali kahani

3 months ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

बहुत समय पहले की बात है रहमान चाचा के यहाँ एक चूहा रहता था. हर दिन की तरह उस दिन भी बाज़ार से गाँव लौटते वक़्त चाचा झोले में कुछ सामान लेकर � read more >>
सच्चे भाई सुबह की योगा क्लास लेने के बाद मैं पार्क से होते हुए बाजार वाली रोड पर सैर के लिए निकल पड़ी । सुबह के व� read more >>
लड़का: शुक्र है भगवान का इस दिन का तो मे कब से इंतजार कर रहा था। लड़की : तो अब मे जाऊ? लड़का : नही बिल्कुल नही। लड़की : क्या तुम मुझस read more >>
Join Us: