Bholenath sharma 19 May 2024 कविताएँ समाजिक 12 वीं बाद 31531 0 Hindi :: हिंदी
समझ में नही आता , किनसे कहे अपनी व्यथा । किनको सुनाए , हम अपनी कथा | कहाँ जाये , कहाँ खाये कहाँ सोये कहाँ रोये । किनसे कहे
किस से बताये किनसे कहे क्या बताये । कुछ ने कहा पूछो टीचर से कुछ ने कहा पूछो माँ बाप यार से कुछ सूझा नहीं जूझते रहे समस्याओं के दल दलों में डूबते रहे मगर हार न मानी
आगे बढ़ चले
रुके न कभी पावँ
बढ चले बढ़ चले .....
भोले नाथ शर्मा (उ० प्र० ) जिला गोण्डा