MANGAL SINGH 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद बेटी 81674 0 Hindi :: हिंदी
बेटी पूछे मां बापू से, था मैंने कौनसा पाप किया। दुनिया देखन से पहले ही, क्यों मुझे कोख में मार दिया। राखी बांधूंगी भैया को, संग उनके पड़ने जाऊंगी। ये सोचा था, न सोचा था कि सूली पर चढ़ जाऊंगी। बापू की लाडो बनकर, उनका नाम रोशन करना था। कैसे करती बोलो बापू, जब आपके हाथों मरना था। मुझे मां को गले लगाना था, मां की ममता की प्यासी थी। गलती क्या थी मां मुझे बता, क्यों जन्म से पहले फांसी दी। क्यों बहु का होना पुण्य है, बेटी का होना पाप है। पूछे बेटी उस ईश्वर से ,की ये कैसा अभिशाप है।