Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य 33004 0 Hindi :: हिंदी
// हम कौन है ...? ये तो है , बिखरती चांदनी , गुनगुनाती रागनी , महकती बहती हवा ...! किसी ने दर्द , किसी ने मरहम किसी ने खुशी , किसी ने गम कहा ...! कोई / कैसे आखिर इसे , मन के आंचल में , समेटे कहां ...? यह लिखी नहीं जाती , खुद-ब-खुद लिख जाती है , जरा गौर से देखो तो , हर जगह मिल जाती है ...! मिलेगी तुम्हें ये , सारी कायनात के जर्रे-जर्रे से लेकर , संसद से समाधि तक और तो और ये , समाज की व्याधि तक ...! मन की भावनाओं से , निकलती मचलती हुई , कविता