Laxmi nishad 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य ओ प्यारी शाम 91396 0 Hindi :: हिंदी
ओ प्यारी शाम
जब तुमसे मैंं मिलता
मिल जाता मुझे आराम ।
गिले- शिकवे सारे मै बांटता तुमसे
तु सुनती इन्हें जैसे
अफसाने हो ऐ तेरे भी दिल के।
जो तू न होती तो मेरे से
ऐ गमो का बोझ उठाएं न उठता
जो तू हैं तो
मेरी उदासी में मेरेे संग होकर
मेरे रंग हीन जीवन को, रंगीन बना जाती हैं