Prince 06 Jun 2023 कविताएँ समाजिक Google , समाजिक , हिंदी साहित्य , हिंदी कविता 33861 0 Hindi :: हिंदी
सूरज अपनी किरणों से आँधी भरी ज़मीं को छू लेता है,
चांदनी रातों में सितारों की महफ़िल में लहराता है।
आओ छलांग लगाएं इमारतों की उंचाईयों पर,
सपनों के संगीत सुनाएं, अपनी हँसी सबको भाएं।
ये विश्व हमारा, आओ उड़ जाएं उच्च स्वरों में,
आपसी विविधता का रंग दिखाएं, अपने अरमानों को साँस दिलाएं।
कहीं गीत बजें, कहीं नाचे जमावड़े रंगों की बारात,
मिलकर एक दूसरे के सपनों को पाएं, मुस्कान से जीवन सजाएं।
ये समय हमारा, आओ सुरों की आवाज़ बन जाएं,
दूरीयों को भूल जाएं, एक दूसरे के पास आएं।
जीने की आदत दिलाएं, मुसीबतों को पार कर जाएं,
यादों की बारात जुड़ जाएं, हमारे सपनों को बांध ले जाएं।
ये प्रेम का सफर है, आओ दिलों को मिलाएं,
आपसी प्यार बरसाएं, खुशियों की हवा चलाएं।
हर व्यक्ति को सम्मान दें, सबको स्वीकार करें,
प्यार और सौहार्द फैलाएं, एक दूसरे का हाथ पकड़ें।
ये संसार हमारा, आओ।
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लेखक : प्रिंस ✒️📗
Hey there I'm Prince from VPO kuralsi district Muzaffarnagar UP - 251309. I keenly love to write sto...