akhilesh Shrivastava 19 May 2026 कविताएँ समाजिक आधुनिक शिक्षा प्रणाली ने बच्चों का बचपना समाप्त कर दिया 3219 0 Hindi :: हिंदी
*कविता* *आधुनिक शिक्षा* आधुनिक शिक्षा के कारण बच्चों का बचपन खो गया । ढाई साल में प्ले नर्सरी एडमीशन का चलन हो गया।। बच्चों को किड्स प्ले में भेजकर पेरेंट्स का फ्रीडम हो गया । खेलकूद बच्चों का छूटा मासूमों को जेल हो गया।। नंन्हें मुन्नों की निंदियां का प्यारा प्यारा चैन छिन गया । मां -पापा के लाड़ प्यार का सुबह का बसंत छिन गया ।। दादा दादी ,नाना नानी की गोदी का सुकून छिन गया। बचपन की अठखेलियों का बच्चों का अब मजा.मिट गया । किड्स प्ले में आया के संग समय बिताना पड़ता है। मजबूरी में हम बच्चों को किड्स प्ले जाना पड़ता है।। इस नवीन शिक्षा पद्धति ने प्यारा बचपन छीन लिया। हम कोमल पुष्पों को तुमने क्यों बगिया से दूर किया ।। चार वर्ष तक हम बच्चों को अपना बचपन जी लेने दो। मां पापा के साये में ही हमको जीवन जीने दो ।। यही प्रार्थना करते हैं हम इन छोटे नन्हें हाथों से। मत छीनो ये प्यारा बचपन तुम अपने स्वार्थ इरादों से।। रचियता :-----अखिलेश श्रीवास्तव एडवोकैट जय नगर जबलपुर
I am Advocate at jabalpur Madhaya Pradesh. I am interested in sahity and culture and also writing k...