Sudha Chaudhary 03 Jun 2023 कविताएँ समाजिक 34386 2 5 Hindi :: हिंदी
जब से शामिल हुआ है,एक पन्ना जीवन में, तब से बेहतर हुआ है, आजादी का ख्याल दिल में। कभी इसका विरोध, कभी उसका विरोध, चैन से रहते अगर चाहते शान्ति घर में। किसी ने रोज़ लिखकर डाला अपनें मनसूबे, सफलता मिली तो सही वरना मज़ा है ही टिप्पणी करने में। हद हो गई है तुम्हारे ताकत की, मिटा चुके हो कितनों को, अपने आने में।
3 years ago