Rambriksh Bahadurpuri 08 Apr 2023 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri #Rambriksh Bahadurpuri Kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar #Aao man ko jay Vijay karen#Ambedkar Nagar poetry 35727 0 Hindi :: हिंदी
कविता-आओ ! मन को जय-विजय करें!
आओ ! मन को जय-विजय करें!
सम्मान कीर्ति यश अजय धरें।
हर हार- हार को जीत समझ,
चल चार कदम ना कहीं उलझ,
खुद जीत खुदी दिग्विजय करें,
आओ ! मन को जय-विजय करें!
हो एक एक दो चार बनें,
बस लक्ष्य साध ना बात सुनें,
बढ़ चलें लक्ष्य अभ्युदय करें,
आओ ! मन को जय-विजय करें!
बन दीन बन्धु जी ले जीवन,
स्वच्छंद सरल निश्छल तन-मन,
अपने कर्मों को अक्षय करें,
आओ ! मन को जय-विजय करें!
है जीवन समर न शेष और,
मानवता धर सिर छत्र मौर,
कर कर्म नेक खुद अभय करें
आओ ! मन को जय-विजय करें!
बिन मरे नहीं सौ बार मरें,
चिंता ना एक, हजार करें,
खुद को पहले जय अजय करें,
आओ ! मन को जय-विजय करें!
रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर यू पी
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...