Anilkumar Rathwa (Sameer) 19 Dec 2025 कविताएँ देश-प्रेम "आराम छोड़, इतिहास लिख" 10894 0 Hindi :: हिंदी
धीरज रख, क्योंकि हर बड़ा बदलाव पहले इंसान को तोड़ता है। सपनों तक पहुँचने से पहले हर रास्ता खुद से लड़ना सिखाता है। यह सफर तालियों के लिए नहीं होता, यहाँ सिर्फ पसीने की क़ीमत चलती है। जो हर दिन खुद को थकाकर भी उठता है, सफलता उसी के पीछे चलती है। जब लगे कि अब बस नहीं हो रहा, समझ लेना वही मोड़ सबसे ज़रूरी है। क्योंकि जो यहाँ रुक गया, उसकी कहानी यहीं अधूरी है। लोग ताने देंगे, हालात हँसेंगे, किस्मत भी कई बार मुंह मोड़ेगी। पर याद रख— तू अगर नहीं झुका, तो एक दिन दुनिया तुझे सलाम बोलेगी। आराम ने कभी मुकाम नहीं दिया, नींद ने कभी ताज नहीं पहनाया। जो जागा, जो जला, जो टूटा, वही इतिहास में नाम लिखवाया। तो चुपचाप मेहनत कर, शोर वक्त आने पर खुद मच जाएगा। आज जो संघर्ष है तेरी पहचान, कल वही तेरी ताक़त कहलाएगा।