Amarnath Yatra 28 Nov 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार और मोहब्बत 5831 0 Hindi :: हिंदी
अब चलो उस शाम की बात करें, जब बारिश में भीगते हम मिले। तुम्हारी आँखों में चमक सी थी, जैसे तारे रात भर जागे।हाथों में हाथ डाल चल पड़े, गलियों से होकर नदी किनारे। तुमने कहा, "भूल न जाना मुझे", दिल बोला, "कभी न भूलूँगा कभी।"फिर आया वो दिन मुश्किलों का, दूरियाँ आईं, बातें रुक गईं। पर तुम्हारी याद ने संभाला मुझे, जैसे कोई दीपक अंधेरे में जली।लड़ते रहे हम हर तूफान से, एक-दूसरे का हाथ थामे। अब आज ये पल हैं हमारे, खुशियों भरे, प्यार से भरे।बस यही दुआ है हर शाम को, तुम्हारा चेहरा ही दिखे। ये कहानी हमारी अधूरी न रहे, हर पल तुम्हारे संग गुजरे।