Rambriksh Bahadurpuri 13 Jan 2024 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri #Ambedkarnagar poetry #Chunav per kavita #neta per kavita 24029 0 Hindi :: हिंदी
अब चुनाव आ गया
कौवा सा कांव कांव
गांव गांव छा गया
लगने लगा है कि
अब चुनाव आ गया।
पांच साल बाद फिर
याद अब आ गया
पूछ पूछ हाल चाल
पांव फिर भा गया
लगने लगा है कि
अब चुनाव आ गया।
गाजा बाजा साज संग
भो भा ला गया
उन्नति विकास का
फिर से गीत गा गया
लगने लगा है कि
अब चुनाव आ गया।
मुर्गा शाराब रोज
हर कोई खा रहा
रोज खा खा कर
दुहाई खूब गा गया
लगने लगा है कि
अब चुनाव आ गया।
बांट बांट साड़ी पैसा
दिल में समा गया
बैठि बैठि घर के अंदर
अपना बना गया
लगने लगा है कि
अब चुनाव आ गया।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...