Rambriksh Bahadurpuri 13 Nov 2024 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri #kavi rambriksh Bahadurpuri #Adhikar per kavita #ambedkarnagar poetry#Shoshit per kavita 22727 0 Hindi :: हिंदी
अधिकार कर लो
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो,
अधिकार है अधिकार यह स्वीकार कर लो।
यह भीख है,न दान,न प्रसाद है
न वाद ,न विवाद ,न जिहाद है
यदि चाहिए अधिकार तो हुंकार भर लो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
छींनता है हर कोई अधिकार जो
चाहता है खुद सभी डकार जो
इन भक्षकों का सिंह सा शिकार कर लो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
दीन हो या हीन या कि वर्ग शोषित
अधिकार है सबका यहां न्यायोचित
छीनने को हक खुद तैयार कर लो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
मांगने से कब जो अधिकार पाया
बस भिखारी सा ही सम्मान पाया
एक ही आवाज से प्रहार कर लो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
कर्म से ही खुद का खुद इतिहास रच
तू भागता है क्यों आगे पांव रख
है सहारा और कुछ न याद कर लो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
शोषण है न कम किसी भी जंग से
न है आजादी यह किसी भी अंग से
जीत कर यह लो यह जंग हाहाकार कर दो,
अधिकार से अधिकार पर अधिकार कर लो।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...