Anilkumar Rathwa (Sameer) 12 Dec 2025 कविताएँ समाजिक "अनुभवशक्ति" 10200 0 Hindi :: हिंदी
अनुमान तो बस दिमाग की एक चाल है, आज सही—कल पूरी तरह बेहाल है। पर अनुभव… वो आग है, जिसमें जलकर इंसान स्टील बनता है। अनुमान बहकाता है, कभी फलसफ़ा, कभी धोखा, पर अनुभव वो हथौड़ा है जो जिंदगी के लोहे पर अपना निशान ठोकता है। अनुमान अक्सर हारा हुआ सच देता है, पर अनुभव— वो जीत है जो गिरकर उठने से मिलती है। जिसने अनुभव के घाव सहे हों, उसे कोई राह भटका नहीं सकता— क्योंकि उसकी आँखों में ज़िंदगी का सच जलता है।