Akhilesh Umrao 'Akhi' 16 Jun 2025 कविताएँ दुःखद 1. अनकहे दर्द 2. पुरुषों की थकान 3. जिम्मेदारियों की आड़ में 4. थके हुए कदम 5. भावनाओं का बोझ 6. पुरुषों की मूक पुकार 7. थकान की दास्तान 8. कंधों पर बोझ 9.पुरुषों की अनकही कहानी 10.थककर भी चलते रहे 15027 0 Hindi :: हिंदी
*कष्ट दिल में छिपा*
कष्ट दिल में छिपा है,
दर्द आंखों में जमा है...।
कष्ट की अनकही कहानी है,
जो कि शब्दों में न बयां है...।
कष्ट दिल में इतना बढ़ा है,
अब और न सहा गया है...।
रात में जागते कष्ट के साथ,
दिन में हंसते कष्ट के साथ...।
फिर भी चुप रहते हैं सब,
'अखि' कष्ट दिल में दबाए...।
क्योंकि बताने से क्या होगा ,
न कोई सुनेगा,न कोई समझेगा....।
✍️ अखिलेश उमराव 'अखि '