Kakali Mazumder 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद #असहाय मुझे #google #yahoo #Poem #hindi poem #Kakali Mazumdar #writting #shayari #love poem #love #mahabbat #treanding #viral #कविता #hindi poems 80358 0 Hindi :: हिंदी
असहाय मुझे
अपने आप को खो दिया
दैनिक
आंखों के सामने खो गया
परिचित दुनिया
मुंह चावल
मुंह की आवाज खींची जाती है
जो तय नहीं करता है उसका इरादा
मैं नेट में एक कैदी हूँ!
✍️ काकाली मजूमदार
25 - 04 - 2022