विशाल शुक्ल 20 Dec 2025 कविताएँ समाजिक अटल बिहारी 5148 0 Hindi :: हिंदी
अटल बिहारी मृत्यु थी… शाश्वत, सत्य, अटल ! सामना करते रहे “अटल” !! जिंदगी, मृत्यु से सदा हारी है ! पर कर्मों से जो जीता वह अटल बिहारी है !! सच है… जीवन मृत्यु का द्वंद युगों से जारी है ! हर द्वंद में मृत्यु जीवन पर भारी है !! भले ही जिंदगी मृत्यु से सदा हारी है ! पर हर धर्माचारी आज कृष्ण बिहारी है !! • विशाल शुक्ल