Gunja kumari 30 Mar 2023 कविताएँ बाल-साहित्य 95300 0 Hindi :: हिंदी
पेड़-पौधो का है ,डेरा
जानवरों का है, बसेरा
परिंदों का है गगन।।
देखने का है नजर ,
इंसानो का है मगन।
पहलुओं का है अंत,
नजारों का है अंत।।
दिन हो या रात,
नहीं मिलते नज़ारे।
पहलुओं का है, अंत
नजारों का है अंत।।