Avnish Dutt 24 May 2026 कविताएँ समाजिक Bhai, poem for Brother's Day, bhai k liye kavita, Bhai ishwar ki saugat, Bada Bhai 10852 0 Hindi :: हिंदी
*भाई: ईश्वर की सौगात* बड़ा भाई बड़ा होता है, जो तेरे साथ हमेशा खड़ा होता है, बस में चाहे कुछ भी ना हो उसके, तेरे लिए वह हमेशा अड़ा होता है। पिछले जनम की शायद तेरी कोई अर्ज़ी रही होगी, इस जनम में मिली तुझे यह सौगात, स्वयं ईश्वर की मर्ज़ी रही होगी। बचपन में कोई इच्छा जो तेरी जगी होगी, पहली पसंद वह तेरे भाई की ही रही होगी। संभाल के रख, दौलत यह बड़ी अजीब है, अगर खो गई तो, तेरा नसीब है। अवनीश दत्त