MD SHAYEED ALAM 14 Nov 2025 कविताएँ बाल-साहित्य कविता भारत के बच्चे 10915 0 Hindi :: हिंदी
हम भारत के बच्चे हैं, हम भारत के भाग्य विधाता हैं। अपनी लगन और मेहनत से, हमें भारत का मन बढ़ाना है। हमें जग में नाम कमाना है भारत था सोने की चिड़िया, हमें फिर से वही बनाना है। हमें आगे बढ़ते जाना है। हमें जग में नाम कमाना है। नहीं सोएगा कोई भी भूखा, सभी को मिलेगा हक अपना पूरा। हमें ऐसा भारत बनाना है, हमें जग में नाम कमाना है। चाहे मैदान हो खेल का या हो पढ़ाई का। हमें सब में जीतते जाना है। हमें जग में नाम कमाना है। तोड़कर धर्म और जाति का बंधन, हमें आगे बढ़ते जाना है। हमें भारत का मान बढ़ाना है। हम भारत के बच्चे हैं, हमें गरीबी को मिटाना है। हमें आगे बढ़ते जाना है। हमें जग में नाम कमाना है। बुद्ध-गांधी की धरती है यह, हमें जग को राह दिखाना है। हमें आगे बढ़ते जाना है। हमें जग में नाम कमाना है। सत्य अहिंसा को अपनाकर, हमें विश्व गुरु बन जाना है। हमें आगे बढ़ते जाना है। हमें जग में नाम कमाना है। हम भारत के बच्चे हैं, हम भारत के भाग्य विधाता हैं।।