Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

भूल जाता हूं-जिन्दगी के सफर में एक दूजे का साथ

संदीप कुमार सिंह 20 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता प्यार की चाशनी में डुबोई हुई है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी खुशी प्राप्त कर सकते हैं। 51992 0 Hindi :: हिंदी

मैं अगर भूल जाऊं,
तो तुम याद दिला देना।

जिन्दगी के सफर में,
एक _ दूजे का साथ निभाना।

उलझन भरी राहें हैं,
कांटों सा सामने खड़ी दिवाल है।

इसे पार कर निकलना है,
अकेले हूं साथ तुम्हारा चाहता हूं।

सपने हजारों हैं,
इन सपनों के आप सभी नजारे हैं।

दिल के अरमानों का,
 निकल रहा है जनाजा।

ऐसे में प्यार का मरहम लगा जा।

पाकर साथ तेरा,
हो गया हूं और अधिक बावला।

तेज चल रहा हूं,
कभी गिर रहा हूं_कभी सम्हल रहा हूं।

जख्म लिए राह तेरा देख रहा हूं,
ऐसे में अपने हौंसलों की,
दवा लगा जा।

भूल जाता हूं,
याद दिला देना।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: