Shubham Kumar 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक बस दो कदम चलना मेरे साथी 112345 0 Hindi :: हिंदी
T हमने तुम्हारे साथ, बस कुछ ही कदम, तो साथ साथ चले थे, और मैं तुम्हें जिंदगी भर के लिए अपना जीवनसाथी चुन लिया है, हमने तो अपने देश के लिए, बस कुछ ही कदम, साथ साथ चले थे, और अपने देश के लिए, जान निछावर कर दिया, तुम नहीं जानते मेरे साथी, इस जिंदगी में दो कदम है काफी बस तुम्हें साथ साथ चलना है मेरे साथी ,आओ हम सब मिलकर, जुल्म के खिलाफ, अत्याचार के खिलाफ, आवाज उठाएं, बस तुम्हें दो कदम, साथ साथ चलना है मेरे साथी,, इस समाज में हो रहे गंदगी को साफ करें, तुम्हें कुछ नहीं करना, बस दो कदम चलना है मेरे साथी, तूफानों की क्या मजाल, और पानी की क्या मजाल, उनमें फर्क इतना है मेरे साथी, क्योंकि वह साथ साथ चलते हैं,, बस तुम्हें भी दो कदम मेरे साथ साथ चलना है मेरे साथी, लुटेरे बदमाशों को, देश के गद्दारों को, जो धर्म के नाम पर हमें लूटते हैं, आवारा बदमाशों को, हमें सबक सिखाना है मेरे साथी, बस दो कदम तुम्हें चलना है मेरे साथी, देखो गंगा दो कदम चल कर, पर्वतों से रास्ता, कैसे बना लेता है मेरे साथी, बस तुम्हें तो आना है, इस देश को जगाना है, गद्दारों नेताओं को, इस देश से भगाना है, वरना देश यह नहीं बचेगा, द्रोपति बनी है भारत माता, देश की जनता पांडव है, दुर्योधन और दुशासन, देश के नेता और गद्दार, हमें कृष्ण बनकर, बस दो कदम चलना है मेरे साथी, भारत माता, बनी है सीता, हमें दोहराना है राम की गीता, उस लंका से छुड़ाकर, सीता को लाना है, देश का लाज बचाना है, देश के गद्दारों को, सब को सजा देने का हक है, कानून की तुम चिंता ना करो, कानून है कानून की देवी, सब कानून करता तो क्या, यह देश को आजादी मिल पाता, हम भारतीय हैं हमें भारत से है नाता, भारत का संविधान भाग्य विधाता, हमसे है संविधान चलता, हम एक नया संविधान को रखते हैं, बस तुम्हें कुछ नहीं करना मेरे साथी, बस दो कदम चलना है मेरे साथी,
Mujhe likhna Achcha lagta hai, Har Sahitya live per Ham Kuchh Rachna, prakashit kar rahe hain, pah...