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//...चापलूसी... गुलामी...बेईमानी...//

Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक सामाजिक 78370 0 Hindi :: हिंदी

//...चापलूसी...गुलामी...बेईमानी...//

एक ,
बढ़िया 
कला... ,
सीधा ,
सरल ,
भला...!

चापलूसी ,
गुलामी ,
बेईमानी... ,
चलाती 
कईयों
जिंदगानी...!

ये...
चीज ,
बड़ी ,
सयानी... ,
फांसती ,
लोगों को 
अपने जाल में ,
ज्ञानी हो 
या अज्ञानी...!

कुछ तो 
अहमियत है 
इस जमाने में 
इसकी भी ,
मेरे यार ,
सुन लो
मेरी जुबानी 
मेरे "मन " की ,

थोड़ी होती 
जरूर बदनामी... ,
लोग कहें
इसे नकारा ,
बदसूरत , बेमानी...!
पर चलाती ये
कईयों जिंदगानी
कईयों जिंदगानी...!

चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव(छत्तीसगढ़)

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