Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

चिंता की रेखाएं

Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #Rambriksh Bahadurpuri #Rambriksh Bahadurpuri kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar #chinta ki rekhayen kavita 28607 0 Hindi :: हिंदी

कविता-चिंता की रेखाएं (छप्पय)


जीवन पथ है सरल,सरस कोमल किसलय सा
फिर मधुर जीवन क्यों ,हो जाता है विषमय सा
खिच जाती है आर ,पार जीवन के पथ पर
दिख जाती है खिंची, तनी उभरी मस्तक पर
जाते नस में रक्त,सूख तपती सरिता सा
कहती करुण असहन, वेदना मनुष्यता का
जीवन-सुख बिनु तड़प, तड़प मन तन में जीता
चिता  से  बढ़कर  हो, जाया  करती  तब चिंता
पक्षाघात सा बिक्षत जीवन, दुर्लभ व्यथित हो जाती
चक्की बधी सी पैरों में, जीना मुश्किल कर जाती
कहां से क्यों कब आ जाती ,भरी वेदना की आंधी
टूट बिखर उड़ जाते प्रबल,पल भर में हर सुख शांति


जीवन है गर प्रेम, रीति नीति विधि का बंधन
चिंता भी है अंग एक,मन में करने का चिंतन 
चिंता सिखाता सीख,सभल कर चल अपने पथ
पहले दे तु त्याग,बसाये इच्छा  का हठ
चलते रहोगे संग, जब तलक इच्छाओं के
होगा ना सुख चैन,सदा मन में भावों के
चिंता चित का चोर,चुराता चतुराई को
तन मन लेता छीन, छीनता मधुराई को
लोभ मोह मद छोड़ मनुष्य, चिंता त्याग रहो सुख से
समय से पहले मिलता क्या?घबड़ाना है ना दुःख से
समय से पहले होता क्या? क्यों घबड़ता है इतना?



रचनाकार- रामवृक्ष, अम्बेडकरनगर। 

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: