महेश्वर उनियाल उत्तराखंडी 21 Jun 2026 कविताएँ बाल-साहित्य 4901 0 Hindi :: हिंदी
‘‘देखो मेरी नानी आयी’’ नानी आयी नानी आयी देखो मेरी नानी आयी, भर-भर के वो चीजें लायी गोदी उठाकर मुझे खिलायी। मम्मी मुझको दूध पिलाती नानी मुझको खेल खिलाती, हम कूद-कूद कर दौड़े जाते फिर नानी भी दौड़ लगाती, देखो नानी में जवानी आयी नानी आयी नानी आयी.... सूरज देखो फिसल गया है चंदा मामा निकल गया है, टिम-टिम करते तारे देखो आओ मिलकर सारे देखो, ये तो रात की रानी आयी नानी आयी नानी आयी....... हम सब घर के अन्दर आये साथ बैठकर खाना खाये, नानी जी जब लोरी गायें प्यारी नींद में हम सो जायें । सारी खुशियां लेकर आज रात बड़ी सुहानी आयी नानी आयी नानी आयी देखो मेरी नानी आयी ।। रचनाकार- महेश्वर उनियाल