Vipin Bansal 30 Mar 2023 कविताएँ राजनितिक #डाका 83353 1 5 Hindi :: हिंदी
सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
बातों की देके रोटी !
खा गए हमारी बोटी !!
देखी है इनकी रहमत !
ऐसी है इनकी ख़िदमत !!
लूट रही है देखो !
बेटियों की अस्मत !!
तिरगी का देखो !
ये कैसा बोलबाला !!
तिरगी ने देखो !
चिरागों पे डाका डाला !!
सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
काल बना कोरोना !
हर तरफ था रोना !!
सांसो की थी लड़ाई !
अपनो को दी विदाई !!
बीमारी से वो भी लड़ते !
निहत्थे न ऐसे मरते !!
गर जो तुम न अपनी !
ऐसे जेबे भरते !!
बीमारी को भी तुमने !
व्यापार बना डाला !!
सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
लड़ते झगड़ते तुमने !
पूरा समय निकाला !!
बातों का अपनी तुमने !
ऐसा जाल डाला !!
पिला - पिला के पानी !
सबको मार डाला !!
रेवडियाँ खिला - खिला के !
घर को चांट डाला !!
वादों पे इनके हमने !
अपना वोट डाला !!
अपने ही हाथों अपना !
गला घोंट डाला !!
सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
विपिन बंसल
3 years ago