मोती लाल साहु 10 Apr 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत धीरे-धीरे कहां खो गए हम, आप भी खोए-खोए नजर आते हैं गलियों में चर्चा जो हो रही है। 39430 0 Hindi :: हिंदी
धीरे-धीरे कहां खो गये हम, दिल ये मेरा खबर जो लगी है आप भी खोए-खोए- नजर आते हैं, गलियों में चर्चा जो हो रही है बताओ जरा तसल्ली तो करो, संगी सखी- हमारी सितम जो ढा रही हैं धीरे-धीरे कहां खो गए हम, दिल ये मेरा खबर जो लगी है -मोती