MAHESH 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत दोस्ती 110224 0 Hindi :: हिंदी
स्वरचित रचना--- दूर हो या पास..........
संदर्भ--- दोस्ती!
दूर हो या पास
दोस्त तेरा अहसास!
बस मेरे लिए खास!
तू सलामत है तो,
मुझमें सलामत है सांस!
दूर हो या पास...................!
दुनिया में देखे हमने सारे रिश्ते नाते,
मगर दोस्ती के आगे कहीं टिक न पाते,
मिले दोस्त सच्चा तो समझो रब है पास!
दूर हो या पास...................!
राजा या हो रंक, पंकज या हो पंक,
दोस्ती न देखती है, जाति, धर्म, वंश,
दोस्ती का अपना ही अलग रंग खास!
दूर हो या पास...................!
दोस्ती का अपना कोई नाम नहीं है,
मगर दोस्ती सा कोई नाम भी नहीं है,
दोस्ती की दाद देता देखो इतिहास!
दूर हो या पास....................!
जब सारे रिश्ते नाते तोड़ देते आस,
तब दोस्ती ही इक जगाती विश्वास,
दोस्ती अंधेरे में है आस का प्रकाश!
दूर हो या पास......................!
~✍️ महेश