Kirti singh 02 May 2023 कविताएँ समाजिक दुनिया की निगाहों में बदसूरत सी एक लड़की 44398 0 Hindi :: हिंदी
दुनिया की निगाह में बदसूरत सी एक लड़की खुद को बेहद खूबसूरत समझती थी क्या उसकी खूबसूरती थी उसके जीवन का सबसे बड़ा सच या था केवल एक भ्रम दुनिया की निगाहें उसे बदसूरत बताती रोज रोज का आइना उसे बदसूरत बताता फिर वह बदसूरत सी लड़की किसआईने में अपने आप को खूबसूरत पाती किस आईने में उसने दुनिया की बदसूरती को देखा और अपनी खूबसूरती को क्या वह हकीकत का आईना दुनिया वालों के पास नहीं है या उस पर दुनिया वालों ने धूल जमा रखी है क्या दुनिया की निगाहें भ्रमात्मक होकर उसकी हर खूबसूरती के आगे उसके बदसूरत चेहरे का मुखौटा रखते और उसकी बदसूरती का नाम देते क्या दुनिया वाले भ्रम की जिंदगी ही जिया करते हैं कभी हकीकत से रूबरू नहीं होते या हकीकत से रूबरू होकर भी उसे भूल जाया करते हैं। Kirti singh.