Amarnath Yatra 28 Nov 2025 कविताएँ अन्य मेहनत, संघर्ष, मोटिवेशन, जिंदगी, मंजिल 7852 0 Hindi :: हिंदी
खामोशी भी कुछ कहती है, बस सुनने वाला चाहिए, हर थकी हुई सांस में, एक उम्मीद वाला चाहिए। जब रात बहुत गहरी होती है, और अंधेरा डराता है, तभी कहीं किसी कोने में, एक छोटा दिया जलता है। मेहनत की राह में चेहरा धूल से भर जाता है, खामोशी में ही इंसान, अपनी कहानी बनाता है। जो गिरकर फिर खड़ा होता है, वही असली इंसान है, जो मुश्किल में भी मुस्कुराए, वही सच्चा जवान है। खामोशी के अंदर छिपा है, एक बड़ा तूफान, ये डर नहीं, हिम्मत है, जो देता है पहचान।जब सब दर्द सहकर मंजिल पास दिखती है, तो वही खामोशी भीतर तालियाँ बजाती है।