Amarnath Yatra 27 Nov 2025 कविताएँ अन्य जिंदगी संघर्ष मोटिवेशन 9234 0 Hindi :: हिंदी
कभी टूटी थी राहें, कभी बिखर गए अरमान, फिर भी कदम बढ़ता रहा, चाहे हो कितने तूफ़ान। पसीने से भीगी हथेलियाँ जब दुआओं में उठीं, तो किस्मत ने भी मुस्कुराकर कहा – "अब है तेरी बारी।"वो जो दर्द था दिल में, अब हौसले में ढल गया, प्यार का ज़हर भी मीठे रस में बदल गया। कभी ठोकर, कभी तन्हाई, सबक सिखाते चले गए, हर गिरावट ने कहा — "उठ! मंज़िल अभी बाकी है।"नई सुबह ने दस्तक दी, एक नई रोशनी के साथ, अब डर नहीं किसी अंधेरे से, न ग़म किसी रात से। ज़िंदगी मुसाफ़िर है, चलती रहे तो आस है, हर संघर्ष के पार — एक मीठी सांस है।