Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

फिर से दिल करता है

MD SHAYEED ALAM 20 Dec 2025 कविताएँ समाजिक कविताएं मोहम्मद सईद आलम 5708 0 Hindi :: हिंदी

फिर से अपनी बिखरी जिंदगी को संवारने का दिल करता है,
जो सपने ख्वाहिशें रह गए हैं अधूरे,
फिर से उन्हें मुकम्मल करने का दिल करता है। 
बेशक जिंदगी की रेस में पीछे रह गया हूं मैं, 
पर जो आगे निकल गए हैं मुझसे,
फिर से उनसे आगे निकलने का दिल करता है। 
यह माना कि अभी बिखरा हूं मैं, 
पर फिर से सीमट जाने का दिल करता है।।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: