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गुरुदेव

Rajnish khandal 26 Feb 2025 कविताएँ समाजिक #guru 33010 0 Hindi :: हिंदी

गुरु ग्रंथ है उस ज्ञान का,
किताब जिसको ना चाहिए।

 गुरु संत है उस शाम का,
 शिव भी जिनको शीश झुकाए। 

गुरु इतिहास है उस देश का, 
जिसे आज हम गर्व से गाए।

 गुरु गीत है उस गौरव का,
 जिस पर आज हम सीना फुलाए।

गुरु शाख है उस डाल की, 
जिस पर फुल-फल बन जाए।

 गुरु मंत्र है उस सफलता का,
 जो आज चांद पर लहराएं।

गुरु ग्रंथ है उस ज्ञान का,
किताब जिसको ना चाहिए।

                 रचनाकार = रजनीश खाण्डल

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