Preksha Tripathi 22 Jun 2023 कविताएँ देश-प्रेम हिंदी मातृ भाषा है/ Mothertongue 31676 2 5 Hindi :: हिंदी
धन्य -धन्य है भाग्य हमारा, भारत माँ की गोद मिली। माँ का विह्वल पावन आँचल, हर क्षण खुशी अमोल मिली।। मातृभूमि पर न्यौछावर, हो जाने की अभिलाषा है। गर्व रहेगा सदा हमें कि, हिन्दी मातृभाषा है।। हिन्दी के हर शब्द में स्थित हिंदुस्तानी शान है। अक्षर- अक्षर हिंदी का गाता वीरों का बलिदान है।। हिन्दी का इतिहास बड़ा ही, निर्मल है निर्मेश है। जिसके तारतम्य अभिलाषी चक्षु अद्य अनिमेष हैं।। ऋजुता की उन्नायक हिन्दी। स्वतंत्रता परिचायक हिंदी। सुधियों की अमर गिरा है हिन्दी। हिन्दी तो निजभाषा है। गर्व रहेगा सदा हमें कि हिन्दी मातृभाषा है।। प्रेक्षा त्रिपाठी ✍️