Aaditya singh 11 Sep 2026 कविताएँ बाल-साहित्य 696 0 Hindi :: हिंदी
मौसम गरम का आया भाई फेको कंबल और रजाई किट-किट अब नहीं करते दांत गरम बन गये दोनों हाथ गर्म बना अंगद का पाँव ठंड बन गयी गर्मी दांव पखा,एसी और कूलर गर्म लगते हे फिर भी।
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