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गुजरे उस शाम की तलास ना थी-जब पापा की गोद में सिर था

Meena ahirwar 25 Jul 2023 कविताएँ अन्य कविता- पापा के लिए प्यार की भावना। #पापा ही दुनिया आदि। 35988 0 Hindi :: हिंदी

गुजरे उस शाम की तलाश ना थी
जब सिर पापा की गोद में था

हमे लोगो की उम्मीद की चाह ना थी
जब एक उम्मीद पापा की थी

किसी के रूठने से फर्क ही ना पड़ा
पापा के सिवा साथ कोई नही अपना

हँसते रहे दुःख में इस उम्मीद से
पापा दुःख में देख नही सकते

सबको ख़ुश करने में दिन गुजरते रहे
अपनी खुशी की आस कहाँ थी

नाम- मीना अहिरवार, 
जिला- छतरपुर (म प्र) ।

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