Komal Kumari 29 Apr 2023 कविताएँ समाजिक 57466 0 Hindi :: हिंदी
मेरी गुजरी हुई जिंदगी ने सिखाया है मुझे खुद पर रख भरोसा किसी से ना उम्मीद। जिंदगी मेरी है मुझे है उसे आजमाना है, ना दे किसी को आजमाने जिंदगी ना मिलेगी दोबारा।जिंदगी ने जो मुझे सिखाया रख सबक आखिरी दम तक। ना दोहरा उन गलतियों को जिससे ज़िंदगी रोई है हमारी। ना कोई मेरा है ना कोई मेरा होगा । आए है अकेले तो अकेले जाएंगे। ना रहे हम कल के भरोसे। ना रहे हम जिंदगी के भरोसे ।
#Mujhko pasand hai khud Ko hi padhna ek kitab hai mujhmein Jo mujhe aajmati hai. @ham Apne jivan ka...