Danendra 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 51926 0 Hindi :: हिंदी
बिजली संविदा कर्मी धरने पर बैठ बैठ कर धनवंतरी हुए । वो आम आदमी के हिर्दय संतरी हुए।। हम चीख चीख करके नियमित न हो सके । (फ्रेशर भर्ती) वो हमे देख हस हस कर नियमित हो गए।।
Login to post a comment!
मुझे लगता है, हर इंसान के अंदर बहुत कुछ ...