MD SHAYEED ALAM 17 Nov 2025 कविताएँ समाजिक कविता हार ना मान 11476 0 Hindi :: हिंदी
हार ना मान, ऐ इंसान। अभी तुझ में बची है जान, क्यों है तू इतना परेशान? हार ना मान, ऐ इंसान। हर समस्या का है निदान, मेहनत ही है तेरी पहचान। हार ना मान, ऐ इंसान। एक दिन दुनिया करेगी तेरा सम्मान, अपनी सफलता का होगा तुझे गुमान। हार ना मान, ऐ इंसान। एक दिन तेरा होगा सारा जहान, अपनी मेहनत से तू बनेगा महान। चारों तरफ होगा तेरा गुणगान। हार ना मान, ऐ इंसान।।