Anilkumar Rathwa (Sameer) 15 Nov 2025 कविताएँ अन्य “हौसला” 17657 0 Hindi :: हिंदी
थक जाना गुनाह नहीं, पर रुक जाना हार है। गिरकर बैठ जाओ तो लोग पूछेंगे— “कितना कमजोर ये असर है?” पर जब फिर उठकर चलोगे, तो वही लोग कहेंगे— “यही तो असली हुनर है!” सपने बड़े रखो, चाहे रास्ते दिन–रात जलाएँ। कदम धीमे क्यों न हों, बस पीछे मुड़कर मत जाएँ। आज का जमाना तेज है, पर दिल का विश्वास तेज़तर है। डर चाहे जितना भी ऊँचा हो, तुम्हारा हौसला उससे ऊपर है। रिज़ल्ट खराब आए तो क्या, काबिलियत कभी नंबरों की मोहताज नहीं होती। डिग्रियाँ दरवाज़े खोल सकती हैं, पर मंज़िल तक ले जाने वाली हमेशा तुम्हारी मेहनत ही होती है। याद रखना— जो रात सबसे गहरी होती है, सवेरा भी उसी का सबसे सुनहरा होता है। तू बस चलता रह, दुनिया तेरा रास्ता देखेगी। तू बस लड़ता रह, क़िस्मत भी तेरे आगे झुकेगी। क्योंकि— युवा वही सफल होता है, जो टूटकर नहीं डरता, बल्कि टूटकर और चमकता है।